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पुराणों में वर्णित काल सर्प दोष की शान्ति प्रयाग स्थित नाग वासुकि मंदिर में

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            काल सर्प दोष का प्रभाव   पुराणों में भी वर्णित हैं कि सर्प दोष निवारण पूजा प्रयागराज स्थित नाग वासुकी मंदिर में 🐍🐍🐍             "PANDIT VEDIC GURU"                            आचार्य पंडित वेद प्रकाश त्रिपाठी                                         मो.9956047166                                         👉 इस दोष से पीड़ित व्यक्ति के जीवन पर कुछ प्रभाव इस प्रकार 1.नकारात्मकता या शून्य मानसिक शांति  2. महत्वपूर्ण कार्यों में समस्याएं और देरी 3. अनावश्यक चिंता 4. कम आत्मविश्वास और आत्मसम्मान।  5. स्वास्थ्य में गिरावट और जीवन काल में कमी।  6. परिवार में विवाद और संघर्ष 7. परिवार और रिश्तेदारों से कोई स...

शिववास का कब किस जगह क्या फल है।जानिए?? vedguru9956@gmail.com

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शिववास का कब किस जगह क्या फल है। जानिए??               vedguru9956@gmail.com                           VED GURU          आ चार्य पंडित वेद प्रकाश त्रिपाठी              सम्पर्कसूत्र.9956047166 . प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, अमावस्या तथा शुक्लपक्ष की द्वितीया व नवमी के दिन भगवान शिव माता गौरी के साथ होते हैं, इस तिथिमें रुद्राभिषेक करने से सुख-समृद्धि उपलब्ध होती है। . कृष्णपक्ष की चतुर्थी, एकादशी तथा शुक्लपक्ष की पंचमी व द्वादशी तिथियों में भगवान शंकर कैलाश पर्वत पर होते हैं और उनकी अनुकंपा से परिवार मेंआनंद-मंगल होता है। . कृष्णपक्ष की पंचमी, द्वादशी तथा शुक्लपक्ष की षष्ठी व त्रयोदशी तिथियों में महादेव नंदी पर सवार होकर संपूर्ण विश्व में भ्रमण करते है।अत: इन तिथियों में रुद्राभिषेक करने पर अभीष्ट सिद्ध होता है। . कृष्णपक्ष की सप्तमी, चतुर्दशी तथा शुक्लपक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी, पूर्णिमा में भगवान महाका...

।। ब्रह्मास्त्र माला मंत्र का प्रयोग करें ।। ।।पाएं शत्रुओं से मुक्ति।।

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                     ।। ब्रह्मास्त्र माला मंत्र का प्रयोग करें ।।                                 ।।पाएं शत्रुओं से मुक्ति।।                            ॐ नमो भगवति चामुण्डे नरकंकगृधोलूक परिवार सहिते श्मशानप्रिये नररूधिर मांस चरू भोजन प्रिये सिद्ध विद्याधर वृन्द वन्दित चरणे ब्रह्मेश विष्णु वरूण कुबेर भैरवी भैरवप्रिये इन्द्रक्रोध विनिर्गत शरीरे द्वादशादित्य चण्डप्रभे अस्थि मुण्ड कपाल मालाभरणे शीघ्रं दक्षिण दिशि आगच्छागच्छ मानय-मानय नुद-नुद अमुकं (अपने शत्रु का नाम लें) मारय-मारय, चूर्णय-चूर्णय, आवेशयावेशय त्रुट-त्रुट, त्रोटय-त्रोटय स्फुट-स्फुट स्फोटय-स्फोटय महाभूतान जृम्भय-जृम्भय ब्रह्मराक्षसान-उच्चाटयोच्चाटय भूत प्रेत पिशाचान् मूर्च्छय-मूर्च्छय मम शत्रून् उच्चाटयोच्चाटय शत्रून् चूर्णय-चूर्णय सत्यं कथय-कथय वृक्षेभ्यः सन्नाशय-सन्नाशय अर्कं स्तम्भय-स्तम्भय गरूड़ पक्षपातेन विषं निर्व...

शत्रु स्तंभन व वशीकरण अचूक उपाय

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 शत्रु स्तंभन व वशीकरण का अचूक उपाय               (ब्रह्मास्त्र माला मंत्र)          PANDIT VEDIC GURU               MO.9956047166

शत्रु से परेशान हो तो घबराएं नहीं करिए शक्तिशाली उपाय

शत्रु से परेशान हो तो घबराएं नहीं करिए शक्तिशाली उपाय     VED   GURU  PRAYAGRAJ