कोई भी अनुष्ठान या शुभ कार्य होता है तो उसमें आम का पल्लव क्यों रखा जाता है,
कोई भी अनुष्ठान या शुभ कार्य होता है तो उसमें आम का पल्लव क्यों रखा जाता है, इसके लिए यह समझना आवश्यक है की प्रलय के बाद मृत्यु लोक किन का बनाया हुआ है, तो शिव महापुराण मे यह वर्णन है की मृत्यु लोक भगवान शिव का बनाया हुआ है और मृत्यु लोक के मुख्य देवता शिव ही हैं इसीलिए उनको महादेव भी कहा गया है सबसे पहले भगवान शिव ने आनंद नगरी का निर्माण किया था जिसको आज काशी कहा जाता है, आप सभी भक्त गण एक प्रसंग सुने होंगे एक बार कामदेव जी ने भगवान शिव पर काम का बाण चला दिया था तो उसी समय का प्रसंग आप सभी भक्तों के सामने प्रस्तुत कर रहा हूं जिसका वर्णन रामचरितमानस ,बाल्मीकि रामायण ,शिव महापुराण, कंब रामायण, भावार्थ रामायण, में आप सभी को मिल जाएगा प्रसंग मे तुलसी बाबा लिखते हैं सौरव पल्लव मदनु बिलोका भयउ कोपु कंपउ त्रिलोका यानी सौरव मतलब आम पल्लो मतलब पत्ता मदनु मतलब कामदेव विलोका मतलब छुपकर जब बाण चलाते हैं तो शिव क्रोधित होकर अपनी तीसरी नेत्र को खोल देते हैं जिससे कामदेव जलकर भस्म हो जाते हैं और साथ में सौरव का पेड़ की जलकर भस्म हो जाता है, बाद में कामदेव की पत्नी भोलेनाथ को...