प्रयाग को पितृ मुक्ति का पहला और सबसे मुख्य द्वार माना गया है. जानिए क्यों?????????????????

प्रयाग को पितृ मुक्ति का पहला और सबसे मुख्य द्वार माना गया है. जानिए क्यों?????????????????
हिन्दू धर्म के मुताबिक़, पिंडदान की परम्परा सिर्फ  प्रयाग, काशी और गया में ही है,

लेकिन पितरों के श्राद्ध कर्म की शुरुआत प्रयाग के मुंडन संस्कार से ही शुरू होती है.

 हिन्दू धर्म शास्त्रों में मोक्ष यानी मुक्ति के देवता भगवान विष्णु माने जाते हैं.

तीर्थराज प्रयाग में भगवान विष्णु बारह अलग-अलग माधव रूप में विराजमान हैं.

मान्यता है कि गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन त्रिवेणी में भगवान विष्णु बाल मुकुंद स्वरुप में साक्षात वास करते हैं.

यही वजह है कि प्रयाग को पितृ मुक्ति का पहला और सबसे मुख्य द्वार माना गया है.

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