धृतराष्ट्र का कौनसा पुत्र पांडवों की ओर से लड़ा था?
धृतराष्ट्र का कौनसा पुत्र पांडवों की ओर से लड़ा था? महाभारत के महाकाव्य से भला कौन परिचित नहीं है? पांडवों और कौरवों के बीच की तनातनी पर रचित इस महाकाव्य में हमें अक्सर बताया है की कैसे 5 पांडव धृतराष्ट्र के 100 कौरव पुत्रों पर भारी पड़े थे। इसी महाकाव्य में हमें विष्णु के सातवें अवतार श्रीक़ृष्ण की महिमा और उनके । लेकिन महाभारत में एक ऐसे भी व्यक्ति थे, जिनहोने सदैव धर्म का साथ दिया, परंतु उनका गुणगान करना तो बहुत दूर की बात, उनके बारे में कोई चर्चा भी नहीं करता। इस व्यक्ति का नाम था युयुत्सु, जो न सिर्फ धृतराष्ट्र के 101वें पुत्र थे, अपितु उनके इकलौते ऐसे पुत्र थे, जो महाभारत के भीषण युद्ध के बाद भी जीवित बच गए थे। लोग कहते हैं की धृतराष्ट्र और गांधारी के 100 पुत्र हुये थे, जो बाद में कौरव के नाम से प्रचलित हुये थे। हालांकि ये पूर्ण सत्य नहीं है। धृतराष्ट्र को व्यास ऋषि से आशीर्वाद मिलने के दो वर्ष पश्चात भी गांधारी को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही थी। उधर राजकुमार पांडु और उनकी धर्मपत्नी कुंती को धर्मराज के आशीर्वाद से युधिष्ठिर की उत्पत्ति हुई, जिसके कारण धृतराष्ट्र ...

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