ज्योतिष का सकारात्मक पहलू ज्योतिष विज्ञान या अंध विश्वास :-

 2➡ज्योतिष का सकारात्मक पहलू 
 

ज्योतिष विज्ञान या अंध विश्वास :- 

ज्योतिष अद्वैत का विज्ञान है। इस विज्ञान को सही और सकारात्मक दिशा में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। कुछ लोग कहते हैं कि ज्‍योतिष सिर्फ इतनी ही बात नहीं है कि ग्रह-नक्षत्र क्‍या कहते हैं? उनकी गणना क्‍या कहती है? यह तो सिर्फ ज्‍योतिष का एक डायमेंशन है, एक आयाम है। फिर भविष्‍य को जानने के और आयाम भी हैं। मनुष्‍य के हाथ पर खींची हुई रेखाएं हैं, मनुष्‍य के माथे पर खींची हुई रेखाएं हैं, मनुष्‍य के पैर पर खींची हुई रेखाएं हैं, पर ये भी बहुत ऊपरी हैं। मनुष्‍य के शरीर में छिपे हुए चक्र हैं। उन सब चक्रों का अलग-अलग संवेदन है। उन सब चक्रों की प्रतिपल अलग-अलग गति है। उनकी जांच है। मनुष्‍य के पास छिपा हुआ, अतीत का पूरा संस्‍कार बीज है।
ज्योति का अर्थ होता है प्रकाश और ज्योतिष का अर्थ होता है ज्योति पिंडों का अध्ययन। ज्योतिष शास्त्र का अर्थ प्रकाश वाले पिंडों की गतिविधियों को बताने वाला शास्त्र। हमारे सौर मंडल में अब तक 10 से 12 ग्रह खोजे गए हैं। सभी ग्रहों के मिलाकर 64 चन्द्रमा खोजे गए हैं और असंख्‍य उल्काएं सौर्य पथ पर भ्रमण कर रही हैं। यह सौरमंडल हमारी आकाशगंगा में हमारे कमरे में रखी एक सूई के बराबर है। हमारी आकाशगंगा की तरह ही कई अन्य आकाशगंगाएं हैं। धरती पर सिर्फ सूर्य का ही नहीं, बल्कि असंख्य तारों और ग्रहों का प्रकाश भी आ रहा है।
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